what is rom in hindi ? रोम क्या है और कितने प्रकार के है

what is rom in Hindi, rom kya hai – जैसे भगवान ने हमारा दीमक बनाय है जिसकी मदद से हम चीजे, लमहे, यादें , बातो को अपने दीमक में स्टोर कर सके और जरूरत पड़ने पर हमे वो सब याद रहे सके, ठीक उसी तरह कंप्यूटर के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर तो बनाय ही साथ ही इसमें डेटा स्टोर करने के लिए एक चिप भी बनाई जिसे memory कहा जाता है । कम्प्यूटर में प्रोग्रामिंग डेटा और इनफ्रोमशन को स्टोर करने के लिए memory की जरूर होती है ताकी हम जब भी कंप्यूटर से एक ही डेटा की मांग केर तो वो अपने memory में स्टोर उस डेटा को निकल कर हमे दिखा सके । वैसे तो कंप्यूटर में memory बहुत से प्रकार के होते है लेकीन आज हम ROM के बारे में अपको जानकारी देते है । की आखिर ये ROM होता क्या है , और इसका कार्य क्या है, और ये कितने प्रकार का होता है ।

 

1 – ROM kya hai, What Is Rom ?

 

ROM ka full form, rom को Read Only Memory कहा जाता है जो स्टोर किए गए प्रोग्राम केवल डेटा को Read करने के लिए होती है ये एक चिप के रूप में कंप्यूटर के माड्रबोर्ड में लगता है , जो डेटा को स्थाई रूप से परमानेंट स्टोर करती है , कंप्यूटर सिस्टम की पॉवर सप्लाई बंद हो जाती है तो rom अपने चिप में स्टोर हुए डेटा को नही खोती rom को memory है जिसमे कंप्यूटर के निर्माण के समय कम्प्यूटर को स्टार्ट करने वाले प्राथमिक प्रोग्राम और सेटिंग होती है जो कंप्यूटर को boot करने मे मदद करती है , बोटिंग कंप्यूटर को शुरू करने की प्रक्रिया को कहा जाता है इस memory में को परिवर्तित और डिलीट नही किया जा सकता उन्हे केवल read किया जा सकता है इसीलिए ये मेमरी raed only memory कहा जाता है ।

 

2 – ROM कैसे काम करता है 

 

ROM एक चिप की आकार की होती है जो की Matherbord CPU से जुड़ी होती है Rom का कार्य एक स्टोरेज के रूप में किया जाता है जिसके अंदर हम कुछ भी डेटा सेफा कर सकते है जैसे कि – software, Aplications, documents, audio, video , photos रोम एक परमानेंट स्टोरेज डिवाइस है जिसमे हम कभी भी डेटा को एक्सिस कर सकते हैं rom हमारे कम्प्यूटर या मोबाइल booting prosses और सिस्टम को स्टार्ट करने में हमारी मदद करता है ये हमरी कंप्यूटर और मोबाइल का महत्व पूर्ण हिस्स है इसके बिना हम डेटा स्टोर करके नहीं रख सकते है जब हम कम्प्यूटर या मोबाइल ऑन करते है तब किसी software या aplication को चलने के लिए सिस्टम rom aplication का डेटा एक्सिस करता है फिर ram की मदद से काम करना शुरू करता है , फिर जब हम aplication को बंद करते है तब उसका डेटा वापिस से rom में चला जाता है और ram से डेटा खाली हो जाया है । हम जितने भी photo, video aplication डाउनलोड और इंस्टॉल करते है वो सभी rom में सेफ हो जाता है ।

 

रोम कितने प्रकार की होती है

 

Rom को उसके स्टेचर मेनिफचर और डेटा के अनुशार तीन हिस्सों में बटा गया है । PROM , EPROM , EEPROM आइए इन तीनो के बारे में हम विस्तार से बताते है ।

 

1 – PROM ka full form, PROM को PROGRAMMABLE READ ONLY MEMORY कहा जाता है ये एक मेमरी चिप होती है जिसे OTP , ONE TIME PROGRAMMABLE CHIP भी कहा जाता है , क्युकी इसमें डेटा को एक बार ही प्रोग्राम किय जाता है उसके बाद डेटा को एसिक्सा नही किय जाता , यूजर मार्केट से खैली PROM खरीदता है और उसके बाद उसमे जो डेटा डालना चाहता है वो डाल सकता है , इस मेमरी में छोटे छोटे फ्यूज होते हैं जिनके अंदर प्रोग्रामिंग के जरिए डेटा डाला जाता है जिसे दुबार अपडेट नही किया जा सकता PROM में इश्ताई रूप से डेटा को राइट करने के लिए डेटा को PROGRAMING को BURNER कहा जाता है और इसके लिए विशेस मिशन की आव्यशकता होती है जिसे PROM BURNER कहा जाता है PROM का उपयोग डिजिटल डिवाइस में डेटा को हमेशा सुरक्षित करने के लिए किय जाता है ।

 

2 – EPROM ka full form, EROM को Erasable programmable read only memory कहा जाता है, इस चिप पर स्टोर की गई इनफ्रोम को अल्ट्रा वाइस रेस द्वारा 40 मिनट के लिए प्रोसेस किया जाता है तब जाकर इसके मेमरी को डिलीट किया जा सकता है इस ROM की खास बात ये है कि इसे हम आशनी से Axis भी कर सकते हैं और प्रोग्राम भी कर सकते हैं ।

 

3 – FLSAH MEMORY || EEPROM – EEPROM ।।। EEPROM को ELectrically Erasable Programmable read only memory कहा जाता है ये एक आपरिवर्तन मेमरी है क्योंकि इसमें भी डेटा को इष्ठयी रूप से स्टोर किया जाता है Flash Memory को इलेक्ट्रिक सिग्नल यानी की बिजली की मदद से इसकी इष्ठाई डेटा को डिलीट किया जा सकता है इस प्रकार की मेमरी का उपयोग डिजिटल कैमरा और MP3 player मे होता है EEPROM को Hybrid Memory भी कहा जाता है , क्युकी ये RAM के समान डेटा को read और right करता है, ROM के समान डेटा को स्टोर करके रखता है ।

 

Rom के फायदे

 

1 – सिस्टम सॉफ्टवेर स्टोर करने के लिए किया जाता है ।

 

2 – ROM , RAM से बहुत सस्ता होता है और इसके मुकाबले काफी जायद साइज में भी उपलब्ध होता है ।

 

3 – ROM का डेटा अपने आप नही बदलता है इसमें मात्र डेटा को read किया जा सकता है अगर हम चाहे तो नया डेटा जोड़ नही सकते क्युकी डेवलपर द्वारा एक ही बार डेटा को right किया जाता है।

 

4 – ROM, NON VOLATILE प्रगति का है जो के प्रोग्राम को इष्ठाई बनाए रखता है जिससे कंप्यूटर के बंद होने पर भी हमारा डेटा सुरकाशित और लंबे समय बना रहता है ।

 

5 – ROM कंप्यूटर के दुसरे मेमरी RAM से अधिक भरोसे मंद है क्युकी RAM में डेटा तब तक रहता है जब तक कंप्यूटर में पॉवर सप्लाई रहती है ।

 

6 – ROM मे बहुत ही सोच समझ कर प्रोग्राम डाले जाते है क्युकी इसे हम बार बार नही बदल सकते ।

 

तो दोस्तो ये था ROM की जानकारी मुझे आशा है कि आप समझ गए होंगे कि ROM क्या है । शेयर जरूर करे ।

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