What is artificial intelligence ? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है

artificial intelligence, इसके बारे में आपने जरूर सुना होगा  ( AI  ) what is Artificial intelligence जिसे हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहा जाता है, आज कल तो हम सभी स्मार्टफोन में गूगल मैप्स, या गूगल असिस्टेंट जैसे सॉफ्टवेयर के रूप में हम इस्तमाल कर रहे हैं ! पूरे ब्रह्माण्ड मे मनुष्य एक ऐसा जीव है, जिसे ईश्वर ने दिमाग देने के साथ उसे सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया है। कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफोन जैसे कोई आविष्कार किया है, जिस वजह से हम इंसानों की जिंदगी को एक नई दिशा मिली है टेक्नोलॉजी, के छेत्र में इंसान ने इतना विकास कर लिया है, कि अब उसी के तरह सोचने समझे या अपने दिमाग का इस्तेमाल करने वाला चलता फिरता मशीन तैयार करने के बारे में सोच रहा है कर लिया है जो बिल्कुल इंसानों की तरह काम करने का छमता रखा सकता है, वह एडवांस टेक्नोलॉजी से बनाने वाली मशीन को ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, {कृत्रिम बुद्धिमत्ता} कहा जाता है ! इसके बारे में लोगो को ज्यादा पता नहीं है , हम आपको बताएंगे कि AI artificial intelligence काम करता है!

 

Artificial intelligence क्या है 

 

Artificial intelligence जिस हिंदी में  कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहा जाता है कृत्रिम का मतलब , किसी व्यक्ति के द्वारा बनाया गया , बुद्धिमत्ता का मतलब है विचारधारा की शक्ति!

 

AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर साइंस की एक साख है, जो ऐसी मशीन विकसित कर रहा है जो इंसानों की तरह सोच सके या काम कर सके कंप्यूटर को इस तरह तैयार करते हैं कि वहा मनुष्य की तरह इंटेलिजेंट काम कर सके तो उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहते हैं! कंप्यूटर के अंदर एक ऐसा टेक्नोलॉजी किया जाता है जो हम इंसानों की तरह सोच सकता है, इंसानों की तरह महसूस कर सकता है जैसे कि हमें किसके साथ कैसा व्यवहार करना है! रोबोटिक सिस्टम तयार किया जाता है जो उन्ही तर्को के आधार पर चलता है जो मनुष्य का दिमाग काम करता है, कंप्यूटर साइंस के वैज्ञानिक ने AI की परिकल्पना दुनिया के सामने रखी थी, जिसमें उन्होने बताया था कि AI कॉन्सेप्ट के द्वार एक ऐसा कंप्यूटर नियंत्रित मशीन‌ एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने की योजना बनाई जा रही है जो ऐसा सोच सके जो एक इंसान सोच सकता है, इंसान सोचा ने, याद रखने, विश्लेषणात्मक क्रने के लिए भी कंप्यूटर का इस्तेमाल करना चाहता है ! इसलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रगति पर जोर दिया जा रहा है, कंप्यूटर साइंस में‌ AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को machine learning नाम से भी जाना जाता है machine learning AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हिस्सा है ये सिस्टम को अपने आप ही काम सीखने का मौका देता है! जिस तरह मनुष्य अपने अनुभव से अपने काम को बेहतर बनाता है ठीक उसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रोग्राम भी है, हो इसके लिए मशीन भी सीखने का काम करती है ! और बिना किसी गलती किए काम करता है

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत किसने की 

 

जब इंसान कंप्यूटर की असली ताकत की खोज कर रहा था तब इंसान का दिमाग ने ये सोचने लग कि क्या एक मशीन इंसानो की तरह सोच समझ कर काम कर सकती है! इसी समझ से एआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत हुई, इसके पीछे एक ही उद्देश्य था कि ईसा बुद्धिमान मशीन की स्थापना की जाए, जो इंसानों की तरह बुद्धिमान हो या इंसानों की तरह सोचने समझे या काम करने का छमता रखता हो! 1955 में जॉन मैकार्थी,‌ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया था वो एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक थे, जिन्होंने सबसे पहले 1956 में एक कॉन्फ्रेंस में बताया था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक भी कहते हैं !

Artificial intelligence

जॉन मैक्कार्थी

 

मुझे आशा है कि आप समझ गए होंगे कि AI artificial intelligence क्या है!

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